बचपन संवारने का राष्ट्रीय महाअभियान: वालवाटिका
04 से 12 वर्ष की आयु बच्चों के मानसिक, बौद्धिक और चारित्रिक विकास के लिए सबसे संवेदनशील समय होता है। इस आयु वर्ग में यदि सही मार्गदर्शन और नैतिक संस्कार न मिले, तो बच्चों की प्रतिभा कुंठित हो जाती है। मोहल्ला क्लिनिक समाज सेवा फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा संचालित वालवाटिका संस्कार एवं शिक्षा केंद्र इसी दिशा में समर्पित हैं।
वालवाटिका केंद्रों के प्रमुख स्तंभ:
- संस्कारवान शिक्षा: राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, बड़ों का सम्मान और भारतीय संस्कृति के मूल तत्वों का शिक्षण।
- आधुनिक स्मार्ट लर्निंग: बेसिक गणित, विज्ञान, अंग्रेजी एवं डिजिटल साक्षरता का खेल-खेल में ज्ञान।
- स्वास्थ्य एवं पोषण निगरानी: हर माह बच्चों का वजन, ऊंचाई एवं सामान्य स्वास्थ्य जांच।
- निःशुल्क पाठ्य सामग्री: जरूरतमंद बच्चों को कॉपियां, किताबें, पेंसिल व बैग का निःशुल्क वितरण।
“1 रुपये प्रतिदिन के सहयोग से आप एक वंचित बच्चे की पूरी पढ़ाई और संस्कारित भविष्य को प्रायोजित कर सकते हैं।”
महिला शिक्षिकाओं को रोजगार का अवसर
वालवाटिका योजना के अंतर्गत ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की शिक्षित महिलाओं को वालवाटिका शिक्षिका (Teacher) के रूप में प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। यदि आप भी शिक्षिका के रूप में सेवा देना चाहती हैं, तो पोर्टल के शिक्षक भर्ती सेक्शन से तुरंत फॉर्म भरें।
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